सड़क पर खड़ा कुत्ता जोर जोर से भौंक रहा था
मैंने कहा, भई चुप हो जा जरा!
कुत्ता बोला, भौंकना तो मेरे प्रवृति में है
फिर मैं क्यों चुप हो जाऊ भला?
उसी तरह, बोलना लोगों की प्रवृति में है
क्या उन्हें कभी कोई चुप करा सका?
रेस्टोरेंट में पाव भाजी आर्डर किया
पर स्वाद जब ना पसंद आया
मेनू मँगा कर तुरंत, कुछ और आर्डर कर देने में
एक पल भी ना लगाया!
पर वहीं जब विवाह के बाद सालों सहना पड़ा अत्याचार
तब क्यों तलाक़ देने के नाम पे मन हिचकिचाया?
अरे परन्तु लोग क्या कहेंगें?
तलाक़शुदा नाम के सोच से ही जी घबराया।
शर्मा जी के बेटे को गणित में सबसे ज्यादा नंबर आया
पर हमारा बेटा यहाँ किसी काम का न आया
बेटा खेल और कला में तो अव्वल आया
पर गणित में अच्छे अंक ना ला पाया
अरे परन्तु लोग क्या कहेंगें?
खुद के जीवन से ज्यादा दूसरों में रूचि लेंगे।
सुना है पड़ोस वाली को डिप्रेशन हो गया
वर्मा जी की पड़ोस वाली ने ढिंढोरा पीट दिया
जानते हो मैडम गोलियों पे है
जाने ऐसा क्या गम हो गया?
अब कोई सेलिब्रिटी तो नहीं
जो खुल कर बोल सके!
गांव में कोई गृहिणी जब डॉक्टर के पास गयी
बोली सर दर्द की कोई गोली दे दो जरा
डॉक्टर ने तुरंत एंटीडिप्रेसेंट दवाई का परचा लिख दिया
चार में एक, आज मानसिक तनाव से गुजर रहा
अरे परन्तु लोग क्या कहेंगें?
मानसिक विकार तो फुसफुसाहट में ही शोभा देंगे।
फैशन के नाम पे आज फटे कपड़ों का ट्रेंड आया
लोगों ने फटाफट उसे अपनाया
सड़कों पर घुटने पे फटे जीन्स देखकर
भिकारी गर्व से खिलखिलाया ।
कहीं किसी की इंस्टाग्राम स्टोरी बनने के इंतज़ार में
बेचारा बर्गर ठंडा होते नज़र आया!
तो कहीं भरे हवाई अड्डे पर
किसी ने सेल्फी लेते, खुद से प्यार जताया।
अरे परन्तु लोग क्या कहेंगें?
घूम के आया पर फोटो नहीं लगाया?
लोग क्या कहेंगें के चक्कर में समाज ने
खुद को फ़सा पाया
लोग क्या कहेंगें का फैला घना साया।
लोग जो कहते हैं, और उनकी विभ्रम माया!
निहारिका प्रसाद