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Monday, 14 July 2025

इश्क़

 


क्या किसी से इश्क़ तभी करते हो  

जब वह उसे लौटा सके?


क्या आपका इश्क़ एक शर्त पर टिका है ?

वह करे, तभी आप करे ?


इश्क़ में शर्त क्या?

जो एक धोके से ख़फ़ा


क्यों न उसे आज माफ़ कर दे 

जिसने दिल तोड़ा था कभी 


जिसके कारण आँखें नम हुई थी 

और इश्क़ से भरोसा उठा था तभी 


क्यूंकि उसकी गलती से बड़ा 

इश्क़ तो आपका ही सही 


और अगर वो इश्क़ था सच्चा  

तो फिर अफ़सोस ही नहीं 


क्या उसके बाद, इश्क़ ही नहीं करोगे?

अकेले अकेले ही गम सहते रहोगे?


अकेले रह, खुद से प्यार हो जाता है 

ऐसा कह, मन खुद को बहलाता है 


पर अकेले सिर्फ प्यार किया जा सकता है 

हाँ प्यार; 

पर इश्क़ नहीं 



निहारिका प्रसाद 


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